हिंदी कहानियाँ Bedtime Stories For Kids In Hindi (2021)

Bedtime Stories For Kids In Hindi

Bedtime Stories For Kids In Hindi – हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस Blog में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं Bedtime Stories For Kids In Hindi. Hindi Kahaniyan एक ऐसा ज़रियाँ है जिससे हम नैतिक मूल्यों को एक बेहद ही आसान तरीके से बच्चो को समझा सकते हैं। आज के समय में जहाँ बच्चे सिर्फ Laptop, Mobile, Tablet आदी पर ही अपना समय व्यतीत करते हैं, हम इन्ही संसाधनों का इस्तेमाल करके बच्चों को हिंदी कहानियों के ज़रिये शिक्षा दे सकते हैं जिसे बच्चे आसानी से समझ सके और वे इन हिंदी कहानियों में छुपे नैतिक मूल्यों को समझ भी सके।

Hindilikh एक ऐसी Website है जहाँ आपको न सिर्फ Bedtime Stories For Kids Hindi बल्कि इसके साथ आपको Bhutiya Kahani, Hindi Kavita और Mahabharat और Ramayan Ki Kahani जैसी अच्छी-अच्छी और ज्ञानवर्धक कहानियां पढ़ने को मिलेंगी। Filhaal शुरू करते है आज की Bedtime Stories For Kids In Hindi और सीखते हैं कुछ नया इन Hindi Kahaniyon के ज़रिया।


गधे का दिमाग (Bedtime Stories Hindi)

एक था शेर। वह जंगल का राजा था। एक सियार उसका मंत्री था। शेर रोज अपने भोजन के लिए एक जानवर का शिकार करता था। इस शिकार में से एक हिस्सा सियार को भी मिलता था। मंत्री के रूप में सेवा करने का यह उसका मेहनताना था।

एक दिन शेर बीमार हो गया। वह शिकार करने के लिए गुफा से बाहर नहीं जा सका। उसने सियार से कहा ,”आज मैं शिकार के लिए बाहर नहीं जा सकता। पर मुझे बहुत जोर की भूख लगी है। तुम जाओ और किसी प्राणी को यहाँ ले आओ ,ताकि उसे खा कर मैं अपनी भूख मिटा सकूँ। ”

सियार ने अपने मन में विचार किया ,’कोई जानवर अपनी खुशी से शेर के पास नहीं आएगा !तो अब मैं क्या करूँ !’ बहुत विचार करने पर उसे एक तरकीब सूझी। उसने सोचा ,’गधा सबसे बेवकूफ प्राणी है। मैं उसे झाँसा दे कर यहाँ सकता हूँ।’

सियार गधे के पास गया और बोला ,” गधे भाई ,मैं तुम्हारे लिए एक खुशखबरी लाया हूँ। जंगल के राजा शेर ने तुम्हें अपना मंत्री बनाने का निश्चय किया है। तुम अभी मेरे साथ चल कर उनसे भेंट कर लो।”

यह सुन कर गधे को बहुत खुशी हुई। वह सियार के साथ शेर की गुफा में गया। उसको देखते ही भूखा शेर उस पर टूट पड़ा और उसने गधे को मार डाला। फिर उसने सियार से कहा ,”मैं नदी में स्नान करके आता हूँ। तब तक तुम इस शिकार का ख्याल रखना।”

शेर नदी में नहाने चला गया। सियार भी बहुत बुखा था। शेर के नदी से लौट कर आने के पहले ही सियार ने जल्दी -जल्दी गधे का दिमाग खा लिए।
थोड़ी देर बाद शेर वापस लौटा। उसने गधे की ओर देख कर कहा ,”अरे ,इस गधे का दिमाग कहाँ गया ?”

सियार ने मुसकराते हुए कहा,”महाराज ,अगर गधे को दिमाग होता ,तो क्या वह यहाँ आता ? गधे को तो दिमाग होता ही नहीं। ”

शिक्षा *****

|| संकट में साहस होना आधी सफलता प्राप्त कर लेना है ||


नामक का व्यापारी और गधा (Kids Moral Story In Hindi)

नमक के एक व्यापारी के पास एक गधा था। वह व्यापारी रोज सुबह अपने गधे पर नमक की बोरियाँ लाद कर आसपास के गाँवों में नमक बेचने जाता था।

आसपास के गाँवो में जाने के लिए उसे एक छोटी नदी पार करनी पड़ती थी। एक दिन नदी पार करते समय गधा अचानक पानी में गिर पड़ा। इससे गधे की पीठ पर लदा हुआ ढेर -सारा नमक पानी में घुल गया। अब गधे का बोझ काफी हल्का गया। नमक का व्यापारी गधे को ले कर घर वापस लौट आया। उस दिन गधे को अच्छा आराम मिल गया।

दूसरे दिन फिर वह व्यापारी रोज की तरह गधे पर नमक की बोरियाँ लाद कर नमक बेचने निकला। उस दिन भी नदी को पार करते समय गधा जानबूझ कर पानी में बैठ गया। उसकी पीठ का बोझ फिर हल्का हो गया। व्यापारी उस दिन भी गधे को ले कर घर वापस लौट आया।
पर नमक व्यापारी के ध्यान में आ गया कि आज गधा जानबूझ कर पानी में बैठ गया था। उसे गधे पर बहुत गुस्सा आया। इसलिए उसने डंडे से गधे की खूब पिटाई की। उसने मन -ही -मन में कहा ,’मुर्ख प्राणी ,तू मुझसे ही चालाकी करता है। मैं तुझे सबक सिखाए बिना नहीं रहूँगा।’

अगले दिन नमक के व्यापारी गधे की पीठ पर रुई के गट्ठर लादे। गधे ने फिर वही तरकीब आजमाने का निश्चित किया। नदी आते ही वह पानी में बैठ गया। पर इस बार उल्टा ही हुआ। रुई के गट्ठराें ने खूब पानी सोखा और गधे की पीठ का बोझ पहले से कई गुना बढ़ गया। पानी से बाहर आने में गधे को बहुत मेहनत करनी पड़ी। उस दिन के बाद से गधे ने पानी में बैठने की आदत छोड़ दी।

शिक्षा *****

|| मुर्ख सबक सिखाने से ही काबू में आते हैं ||


मकड़ी की सीख (Bedtime Stories For Kids In Hindi)

एक बार दो राजाओं के बीच युद्ध छिड़ गया। उनमें से एक राजा के पास सेना बहुत कम थी। वह बहुत बहादुरी से लड़ा। लेकिन शत्रु की विशाल सेना ने उसकी सेना को हरा दिया। अपनी जान बचाने के लिए वह जंगल की ओर भाग गया। विजयी राजा ने उसका पीछा करने के लिए अपने सैनिक भेजे। वह उसे जान से मार डालना चाहता था। पर पराजित राजा एक गुफा में छिप गया। इसलिए वह उन सैनिक के हाथ नहीं लगा। उसकी जान बच गई। वह बहुत दुःखी हो गया था और हिम्मत हार बैठा था।

एक दिन उदास हो कर राजा गुफा में लेटा हुआ। तभी उसका ध्यान एक छोटी -सी मकड़ी की ओर गया। वह गुफा की छत के एक कोने में जाला बुनने की कोशिश कर रही थी। वह सरपट दीवार पर चढ़ती। बीच में जाले का कोई धागा टूटता और वह जमीन पर आ गिरती। बार -बार यही क्रम चलता रहा। पर मकड़ी हिम्मत नहीं हारी। वह बार -बार कोशिश करती रही। आखिरकार जाला बुनते -बुनते वह छत तक पहुँचने में सफल हो गई। उसने पूरा जाला भून कर तैयार कर दिया।

राजा ने सोचा,’ यह रेंगनेवाली नन्ही -सी मकड़ी बार -बार असफल होती रही ,लेकिन इसने कोशिश करना नहीं छोड़ा। मैं तो राजा हूँ। फिर मैं कोशिश करना क्यों छोड़ दूँ ?मुझे अवश्य फिर से कोशिश करनी ही चाहिए।
उसने दुश्मन से एक बार फिर युद्ध करने का निश्चय किया।

राजा जंगल से बाहर निकल कर अपने विश्वाशपात्र सहयोगियों से मिला। उसने अपने राज्य के शूर -वीरों को एकत्र किया और एक शक्तिशाली सेना खड़ी की। उसने पूरी ताकत से दुश्मन पर चढ़ाई कर दी। वह वीरतापूर्वक लड़ा। आखिरकार उसकी विजय हुई। उसे अपना राज्य वापस मिल गया। राजा उस मकड़ी को जिंदगी भर नहीं भूल सका ,जिसने उसे सदा प्रयास करते रहने का सबक सिखाया था।

शिक्षा *****

|| असफलताओं से जूझने वालों को कभी -न -कभी सफलता अवश्य मिलती है ||


वफादार नेवला (Sleep Stories For Kids)

रामदास और सावित्री पति -पत्नी थे। उनका एक पुत्र था। उसका नाम महेश था। उन्होंने अपने घर में एक नेवला पाल रखा था। महेश और नेवला एक -दुसरे से बहुत हिल -मिल गए थे। दोनों पक्के दोस्त थे।

एक दिन रामदास अपने खेत पर गया था। सावित्री भी किसी काम से बहार गई थी। महेश पालने में गहरी नींद ने सो रहा था। नेवला पालने के पास बैठ कर उसकी रखवाली कर रहा था। एकाएक नेवले की नजर एक साँप पर पड़ी। वह महेश के पलने की ओर ही सरपट आ रहा था। नेवले ने उछल कर साँप की गर्दन दबोच ली। फिर तो साँप और नेवले में जम कर लड़ाई हुई। अंत में नेवले ने साँप को मर डाला।

थोड़ी देर बाद नेवले ने सावित्री को घर की ओर आते देखा। मालकिन का स्वागत करने के लिए वह दौड़ कर दरवाजे पर जा पहुँचा। सावित्री नेवले के खून से सने मुँह और पंजे देख कर चकित रह गई। उसे शंका हुई कि नेवले ने उसके बेटे को मार डाला है। वह गुस्से से पागल हो गई। उसने बरामदे में पड़ा हुआ डंडा उठाया और पीट -पीट कर नेवले को मार डाला।

इसके बाद वह दौड़ती हुई अंदर के कमरे में गई। महेश को सुरक्षित देख कर उसे बहुत खुशी हुई। इतने में उसकी नजर मरे हुए साँप पर पड़ी। उसे अपनी गलती समझते देर नहीं लगी। वह विलाप करने लगी। जिस विश्वासपात्र नेवले ने उसके बेटे की जान बचाई , उसी को उसने मार डाला था। उसे अपार दुःख हुआ। मगर अब पश्चताप करने से कोई फायदा नहीं था।

शिक्षा *****

|| बिना विचारे जो करे ,सो पाछे पछताय ||


डरपोक घोडा (Panchatantra Hindi Stories)

एक बार एक घोड़ा एक आदमी के पास आया और कहने लगा ,”भाई ,मेरी मदद करो। जंगल में एक बाघ आ गया है। वह मुझे मार डालना चाहता है।”

आदमी ने कह ,”अरे मित्र ,चिंता मत करो ! वह बाघ तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। बाघ से मैं तुम्हारी रक्षा करूँगा।”

घोड़े ने कहा ,”मैं तुम्हारा बहुत आभारी रहूँगा।”

आदमी ने कहा ,”पर तुम्हें एक बात का ध्यान रखना पड़ेगा। मैं जैसा कहूँगा ,तुम्हें वैसे ही करना होगा।”

घोड़े ने कहा ,”मुझे क्या करना होगा ?”

आदमी ने कहा,” तुम्हें अपनी पीठ पर काठी और मुँह में लगाम डालने की अनुमति मुझे देनी होगी।”

घोड़े ने कहा,”तुम जो चाहो ,सो करो। पर कृपा करके मुझे उस बाघ से बचा लो।”

आदमी ने घोड़े की पीठ पर काठी कसी। उसने उसके मुँह में लगाम लगाई। इसके बाद वह घोड़े पर सवार हुआ और दौड़ते हुए उसे अपने अस्तबल में ले आया।

आदमी ने घोड़े को अस्तबल में बाँधते हुए कहा ,”अब तुम इस अस्तबल में एकदम सुरक्षित हो। जब मैं तुम्हें बाहर ले जाऊँगा ,तब मैं तुम्हारी पीठ पर सवार रहूँगा। मैं तुम्हारे साथ रहूँगा ,तो बाघ तुम्हारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकेगा।” इसके बाद आदमी ने अस्तबल का दरवाजा बंद किया और चला गया।

अब घोड़ा अस्तबल में कैद हो गया था। उसने मन -ही -मन सोचा ,’मैं यहाँ सुरक्षित जरूर हूँ ,पर स्वतंत्र नहीं हूँ। मैंने सुरक्षा प्राप्त की ,पर अपनी आजादी गवा दी। यह तो बहुत बुरा सौदा हुआ। पर अब मैं विवश हूँ।’

शिक्षा *****

|| स्वतंत्रता की कीमत पर सुरक्षा किस काम की ||


हम आशा करते हैं आपको हमारी आज की ये Moral stories for Kids In Hindi पसंद आयी होगी. अगर आप ऐसी ही Hindi Kahaniyan और Short Story For Kids In Hindi पढ़ना चाहतें हैं तो Hindilikh Website को Bookmark कर सकतें हैं या Website को Subscribe भी कर सकतें हैं. हम ऐसी ही Moral Stories In Hindi For Kids और Moral Stories For Kids In Hindi हमारी Website पर पब्लिश करते रहतें हैं. Hindi Kahani के अलावा Hindilikh Website पर आपको Ramayan Story In Hindi और Mahabharat Story In Hindi आदि भी आपको देखने को मिलेंगी आप चाहें तो इन्हें भी पढ़ सकतें हैं।

1 thought on “हिंदी कहानियाँ Bedtime Stories For Kids In Hindi (2021)”

Comments are closed.