Best Kavita In Hindi | Hindi Kavita For Kids

Best Kavita In Hindi | Hindi Kavita For Kids | बच्चों की कविता

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस blog में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं Best Kavita In Hindi. बच्चों को ज्ञानवर्धक जानकारी देने का एक अच्छा ज़रिया है Hindi Poem जिससे आप बच्चो को अच्छे संस्कार दे सकते है वो भी मनोरंजक तरीके से। हम सभी दादी-नानी से राजाओं की, परियों की, पशु-पक्षियों की आदि की Hindi Kavita सुन-सुन कर बड़े हुए हैं।

बेशक आज ज़माना बदल गया है और इसलिए हम digital तरीके से आपके लिए लेकर आए हैं Child Poem in Hindi और ये Best Kavita In Hindi आप कभी भी कहीं भी अपने laptop, mobile, tablet आदि पर पड़ सकते हैं। Hindilikh एक ऐसी website है जहाँ आपको न सिर्फ Hindi Mein Kavita बल्कि इसके साथ आपको Bhutiya kahani, Hindi Kahaniyan और Mahabharat और Ramayan ki kahani जैसी अच्छी-अच्छी कहानियां पढ़ने को मिलेंगी। तो चलिए शुरू करते है आज की Best Kavita In Hindi और सीखते हैं कुछ नया इन Hindi Poem के ज़रिया।

रेलगाड़ी (Best Kavita In Hindi)

आओ बच्चों रेल दिखाएं
छुक-छुक करती रेल दिखाएं
सीटी देकर सीट पे बैठो
एक दूजे की पीठ पे बैठो
आगे पीछे आगे पीछे
लाइन से लेकिन कोई ना भागे

सारे सीधी लाइन में चलना
आँखे दोनों नीची रखना
बंद आँखों से देखा जाये
आँखे खुले तो कुछ ना पाए।
आओ बच्चों रेल चलाऐ
सुनो रे बच्चो टिकिट कटाओ

तुम लोग नहीं आओगे तो
रेलगाड़ी छूट जाएगी
आओ सब लाइन में खड़े हो जाओ
मुन्नी – तुम तो इंजन
ढब्बू – तुम हो कोयले का डब्बा
चुन्नू-मुन्नू , लीला-शीला
मोहन-सोहन, जाधव-माधव

सब पैसेंजर सब पैसेंजर
एक, दो : रेलगाड़ी पी…..
छुक-छुक छुक-छुक छुक-छुक छुक-छुक
बीच वाले स्टेशन बोले
रुक-रुक रुक-रुक रुक-रुक रुक-रुक
तड़क-धड़क लोहे की सड़क
यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ
छुक-छुक छुक-छुक छुक-छुक छुक-छुक

फुलाए छाती पार कर जाती
बालू रेत, आलू के खेत
बाजरा धान, बुड्ढा किसान
हरा मैदान, मंदिर माकन, चाय की दुकान
कुल्फ़ों की डंडी, टीले पे झंडी
पानी का कुंड, पंछी का झुण्ड

झोपड़ी झड़ीर, खेती बाड़ी
बादल धुआँ, मोथ कुआँ
कुएं के पीछे बाग़ बगीचे
धोबी का धाट, मंगल का हाठ
गांव का मेला, भीड़ झमेला
टूटी दीवार, टट्टू सवार
रेलगाडी पी

करमपुर-करमपुर, करमपुर-करमपुर
मांडवा-खंडवा, खंडवा-मांडवा
रायपुर-जयपुर, जयपुर-रायपुर
तलेगांव-मालेगांव, मालेगांव-तलेगांव
वेल्लोर-नेल्लोर, नेल्लोर-वेल्लोर
शोलापुर-कोहलापुर, कोहलपुर-शोलापुर
उत्त्कल-डिंडिगल, डिंडिगल-उत्त्कल
कोरेगांव-गोरेगांव, गोरेगावं-कोरेगावं
मेमदाबाद-अहमदाबाद, अहमदाबाद-मेमदाबाद
बीच वाले स्टेशन बोले

रुक-रुक रुक-रुक रुक-रुक रुक-रुक

नाव चली (Best Kavita In Hindi)

नाव चली
नानी की नाव चली
नीना की नानी की नाव चली
लम्बे सफ़र पे…

सामान घर से निकले गए
नानी के घर से निकले गए
और नानी की नाव में डाले गए
क्या क्या डाले गए ?

एक छड़ी, एक घड़ी
एक झाड़ू, एक लाडू
एक संदूक, एक बंदूक
एक सलवार, एक तलवार
एक घोड़े की जीन
एक ढोलक, एक बीन
एक घोड़े की नाल
एक धीमर का जाल
एक लहसून, एक आलू
एक तोता, एक भालू

एक डोरा, एक डोरी
एक बोरा, एक बोरी
एक डंडा, एक झंडा
एक हंडा, एक अंडा
एक केला, एक आम
एक पक्का, एक कच्चा
और टोकरी में
एक बिल्ली का बच्चा

फिर एक मगर ने पीछा किया
नानी की नाव का पीछा किया
नीना की नानी की नाव का पीछा किया

फिर क्या हुआ?
चुपके से, पीछे से
ऊपर से, नीचे से
एक-एक सामान खींच लिया
एक बिल्ली का बच्चा
एक केला, एक आम
एक पक्का, एक कच्चा
एक अंडा, एक हंडा
एक बोरी, एक बोरा
एक तोता, एक आलू
एक लहसून, एक भालू
एक धीमर का जाल
एक घोड़े की नाल
एक ढोलक, एक बीन
एक घोड़े की जीन
एक तलवार, एक सलवार
एक बंदूक, एक संदूक
एक लाडू, एक झाड़ू
एक घड़ी, एक छड़ी

मगर नानी क्या कर रही थी ?
नानी थी बेचारी बूढी बहरी
नीना की नानी थी बूढी बहरी
नानी की नींद थी इतनी गहरी

कितनी गहरी ?
नदियाँ से गहरी
दिन दुपहरी
रात की रानी
ठंडा पानी
गरम मसाला
पेट में ताला
साढ़े सोला

पंद्रह के पंद्रह
दुनी तीस
तिया पैतालीस
चौके साठ
पंजे पिछत्तर
छक्के नब्बे


हम आशा करते हैं आपको हमारी आज की ये Best Kavita In Hindi पसंद आयी होगी. अगर आप ऐसी ही Hindi Mein Kavita पढ़ना चाहतें हैं तो Hindilikh Website को Bookmark कर सकतें हैं या Website को Subscribe भी कर सकतें हैं. हम ऐसी ही New Hindi Kavita For Kids और Child Poem in Hindi हमारी Website पर पब्लिश करते रहतें हैं. Hindi Poem के अलावा Hindilikh Website पर आपको Ramayan Story In Hindi और Mahabharat Story In Hindi आदि भी आपको देखने को मिलेंगी आप चाहें तो इन्हें भी पढ़ सकतें हैं।