HINDI RHYMES – 5 Famous Hindi Poems | बच्चों की कविता

5 Famous Hindi Poems | बच्चों की कविता

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस blog में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं Famous Hindi Poems. बच्चों को ज्ञानवर्धक जानकारी देने का एक अच्छा ज़रिया है Hindi Poem जिससे आप बच्चो को अच्छे संस्कार दे सकते है वो भी मनोरंजक तरीके से। हम सभी दादी-नानी से राजाओं की, परियों की, पशु-पक्षियों की आदि की Hindi Kavita सुन-सुन कर बड़े हुए हैं।

बेशक आज ज़माना बदल गया है और इसलिए हम digital तरीके से आपके लिए लेकर आए हैं 5 Famous Hindi Poems और ये Hindi Kavita आप कभी भी कहीं भी अपने laptop, mobile, tablet आदि पर पड़ सकते हैं।  तो चलिए शुरू करते है New Hindi Poem और सीखते हैं कुछ नया इन Hindi Poem के ज़रिया।


नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए (Famous Hindi Poems)

नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
बाकी जो बचा था काले चोर ले गए
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
बाकी जो बचा था काले चोर ले गए

खाके पीके मोटे होके चोर बैठे रेल में
चोरों वाला डब्बा कटके पहुंचा सीधा जेल में
खाके पीके मोटे होके चोर बैठे रेल में
चोरों वाला डब्बा कटके पहुंचा सीधा जेल में

नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
बाकी जो बचा था काले चोर ले गए

उन चोरों की खूब खबर ली मोटे थानेदार ने
मोरों को भी खूब नचाया जंगल की सरकार ने
उन चोरों की खूब खबर ली मोटे थानेदार ने
मोरों को भी खूब नचाया जंगल की सरकार ने

नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
बाकी जो बचा था काले चोर ले गए

अच्छी नानी प्यारी नानी रुस्सा रस्सी छोड़ दे
जल्दी से एक पइसा देदे तू कंजूसी छोड़ दे
अच्छी नानी प्यारी नानी रुस्सा रस्सी छोड़ दे
जल्दी से एक पइसा देदे तू कंजूसी छोड़ दे

नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
बाकी जो बचा था काले चोर ले गए
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
बाकी जो बचा था काले चोर ले गए

नन्हां मुन्ना राही हूँ (Hindi Rhymes)

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

रस्ते में चलूंगा न डर-डर के
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के
मंज़िल से पहले ना लूंगा कहीं दम
आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम
दाहिने-बाएं, दाहिने-बाएं, थम

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

धूप में पसीना बहाऊंगा जहाँ
हरे-हरे खेत लहराएंगे वहाँ
धरती पे फ़ाके न पाएंगे जनम

आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम
दाहिने-बाएं, दाहिने-बाएं, थम

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

नया है ज़माना मेरी नई है डगर
देश को बनाउंगा मशीनों का नगर
भारत किसी से रहेगा नहीं कम

आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम
दाहिने-बाएं, दाहिने-बाएं, थम

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

बड़ा हो के देश का सहारा बनूंगा
दुनिया की आँखों का तारा बनूंगा
रखूँगा ऊंचा तिरंगा परचम

आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम
दाहिने-बाएं, दाहिने-बाएं, थम

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

शांति की नगरी है मेरा ये वतन
सबको सिखाऊंगा मैं प्यार का चलन
दुनिया में गिरने न दूंगा कहीं बम

आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम
दाहिने-बाएं, दाहिने-बाएं, थम

नन्हां मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
बोलो मेरे संग
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

एक मोटा हाथी (Hindi Kavita)

एक मोटा हाथी घूमने गया
मकड़ी के जाल में जाके वो फसा
जाल को देखो देख के डरा
दूसरे हाथी को इशारे से बुलाया
इधर आ इधर आ इधर आ

दो मोटे हाथी घूमने चले
गहरी नदी में जाके वो फसे
पानी को देखा देख के डरे
तीसरे हाथी को इशारे से बुलाया
इधर आ इधर आ इधर आ

तीन मोटे हाथी घूमने चले
शिकारी के पिंजरे में जाके वो फसे
शिकारी को देखा देख के डरे
चौथे हाथी को इशारे से बुलाया
इधर आ इधर आ इधर आ

चार मोटे हाथी घूमने चले
कीचड़ में जाके सब वो गिरे
खुद को देखा देख के डरे
पाँचवे हाथी को इशारे से बुलाया
इधर आ इधर आ इधर आ

पांच मोटे हाथी अपने घर चले
मकड़ी के जाले में जाके वो फंसे
मकड़ी ने देखा देख के हसी
अपना जाला उसने हटाया

सारे हाथी मिलके कूदने लगे
सारे हाथी मिलके नाचने लगे
सारे हाथी मिलके खेलने लगे

मैं तोता (Hindi Rhymes)

मिट्ठू मिट्ठू, मिट्ठू मिट्ठू

मैं तोता मैं तोता
हरे रंग का हूँ दीखता
मैं तोता मैं तोता
हरे रंग का हूँ दीखता

चोंच मेरी लाल रंग की
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता
चोंच मेरी लाल रंग की
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता

मिट्ठू मिट्ठू, मिट्ठू मिट्ठू

मैं तोता मैं तोता
नील गगन में हूँ उड़ता
मैं तोता मैं तोता
नील गगन में हूँ उड़ता

फल सब्ज़ियां दाना खाता
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता
फल सब्ज़ियां दाना खाता
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता

मिट्ठू मिट्ठू, मिट्ठू मिट्ठू

मैं तोता मैं तोता
कलाकार भी मैं होता
मैं तोता मैं तोता
कलाकार भी मैं होता

करता हूँ मैं सबकी नक़ल
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता
करता हूँ मैं सबकी नक़ल
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता

मिट्ठू मिट्ठू, मिट्ठू मिट्ठू

मैं तोता मैं तोता
हरे रंग का हूँ दीखता
मैं तोता मैं तोता
हरे रंग का हूँ दीखता

ठुमक ठुमक कर चलता हूँ
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता
ठुमक ठुमक कर चलता हूँ
मिट्ठू मिट्ठू मैं करता

मिट्ठू मिट्ठू, मिट्ठू मिट्ठू

लकड़ी की काठी (Famous Hindi Poems)

लकड़ी की काठी काठी पे घोड़ा
घोड़े की दुम पे जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

लकड़ी की काठी काठी पे घोड़ा
घोड़े की दुम पे जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

लकड़ी की काठी काठी पे घोड़ा
घोड़े की दुम पे जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

घोड़ा पहुँचा चौक में चौक में था नाई
घोड़े जी की नाई ने हजामत जो बनाई
टकबक टकबक, टकबक टकबक

घोड़ा पहुँचा चौक में चौक में था नाई
घोड़े जी की नाई ने हजामत जो बनाई
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

लकड़ी की काठी काठी पे घोड़ा
घोड़े की दुम पे जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

घोड़ा था घमंडी पहुँचा सब्जी मंडी
सब्जी मंडी बरफ़ पड़ी थी
बरफ़ में लग गयी ठंडी
टकबक टकबक, टकबक टकबक

घोड़ा था घमंडी पहुँचा सब्जी मंडी
सब्जी मंडी बरफ़ पड़ी थी
बरफ़ में लग गयी ठंडी
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

लकड़ी की काठी काठी पे घोड़ा
घोड़े की दुम पे जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

घोड़ा अपना तगड़ा है देखो कितनी चर्बी है
चढ़ता है मेहरूली मैं पर घोड़ा अपना अरबी है
घोड़ा अपना तगड़ा है देखो कितनी चर्बी है
चढ़ता है मेहरूली मैं पर घोड़ा अपना अरबी है

बाल छुड़ा कर दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

लकड़ी की काठी काठी पे घोड़ा
घोड़े की दुम पे जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा


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