New Hindi Kahani For Kids | Story In Hindi

Hindi Kahani For Kids

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस blog में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं Hindi Kahani For Kids. बच्चों को ज्ञानवर्धक जानकारी देने का एक अच्छा ज़रिया है Hindi Kahaniyan जिससे आप बच्चो को अच्छे संस्कार दे सकते है वो भी मनोरंजक तरीके से। हम सभी दादी-नानी से राजाओं की, परियों की, पशु-पक्षियों की और भूतप्रेत,जिन्न आदि की कहानियां सुन-सुन कर बड़े हुए हैं।

बेशक आज ज़माना बदल गया है और इसलिए हम digital तरीके से आपके लिए लेकर आए हैं New Hindi Kahani For Kids और ये Hindi Kahaniyan आप कभी भी कहीं भी अपने laptop, mobile, tablet आदि पर पड़ सकते हैं। Hindilikh एक ऐसी website है जहाँ आपको न सिर्फ Hindi Kahani For Kids बल्कि इसके साथ आपको Bhutiya kahani, Hindi Kavita और Mahabharat और Ramayan ki kahani जैसी अच्छी-अच्छी कहानियां पढ़ने को मिलेंगी। तो चलिए शुरू करते है आज की Hindi Kahani For Kids और सीखते हैं कुछ नया इन Hindi Kahaniyon के ज़रिया।

नमक का व्यापारी और गधा (Hindi Kahani For Kids)

नमक के एक व्यापारी के पास एक गधा था। वह व्यापारी रोज सुबह अपने गधे पर नमक की बोरियाँ लाद कर आसपास के गाँवों में नमक बेचने जाता था।
आसपास के गाँवो में जाने के लिए उसे एक छोटी नदी पर करनी पड़ती थी। एक दिन नदी पार करते समय गधा अचानक पानी में गिर पड़ा। इससे गधे की पीठ पर लदा हुआ ढेर -सारा नमक पानी में घुल गया। अब गधे का बोझ काफी हलका हो गया। नमक का व्यापारी गधे को ले कर घर वापस लौट आया। उस दिन गधे को अच्छा आराम मिल गया।

दूसरे दिन फिर वह व्यापारी रोज की तरह गधे पर नमक की बोरियाँ लाद कर नमक बेचने निकला। उस दिन भी नदी को पर करते समय गधा जानबूझ कर पानी में बैठ गया। उसकी पीठ का बोझ फिर हल्का हो गया। व्यापारी उस दिन भी गधे को ले कर घर वापस लौट आया।
पर नमक के व्यापारी के ध्यान में आ गया कि आज गधा जानबूझ कर पानी में बैठ गया था। उसे गधे पर बहुत गुस्सा आया। इसलिए उसने डंडे से गधे की खूब पिटाई की। उसने मन -ही -मन में कहा ,’मुर्ख प्राणी ,तू मुझसे ही चालाकी है। मैं तुझे सबक सिखाए बिना नहीं रहूँगा।

अगले दिन नमक के व्यापारी ने गधे की पीठ पर रुई के गट्ठर लादे। गधे ने फिर वही तरकीब आजमाने का निश्चय किया। नदी आते ही वह पानी में बैठ गया। पर इस बार उलटा ही हुआ। रुई के गट्ठरों ने खूब पानी सोखा और गधे की पीठ का बोझ पहले से कई गुना बढ़ गया। पानी से बाहर आने में गधे को बहुत मेहनत करनी पड़ी।
उस दिन के बाद से गधे ने पानी में बैठने की आदत दी।

शिक्षा *****

|| मुर्ख सबक सिखाने से ही काबू में आते हैं। ||

भेड़ के वेश में भेड़िया (Hindi Kahani For Kids)

Hindi Kahani For Kids | Story In Hindi
Hindi Kahani For Kids | Story In Hindi

एक दिन एक भेड़िए को कहीं से भेड़ की खाल मिल गई। खाल ओढ़ कर वह मैदान में चर रही भेड़ो के झुंड में शामिल हो गया। भेड़िए ने सोचा ,’सूर्य अस्त हो जाने के बाद गड़रिया भेड़ो को बाड़े में बंद कर देगा। भेड़ों के साथ मैं भी बाड़े में घुस जाऊँगा। रात को किसी मोटी भेड़ को उठा कर भाग जाऊँगा और मजे से उसे खाऊँगा।’

यह भी देखें:- गुड़गांव की चौंका देने वाली भूतिया घटना। 

शाम हुई तो गड़रिया भेड़ों को बाड़े में बंद कर घर चला गया। भेड़िया चुपचाप अँधेरा होने का इंतजार करने लगा। धीरे -धीरे अँधेरा गहराने लगा। यहाँ तक तो सब कुछ भेड़िए की योजना के अनुसार ही हुआ। फिर एक अनहोनी घटना घट गई ।
एकाएक गड़रिए का नौकर बाड़े में आया। उसके मालिक ने रात के भोजन के लिए किसी मोटी भेड़ को लाने के लिए उसे भेजा था। संयोग से नौकर भेड़ की खाल ओढ़े भेड़िए को ही उठा कर ले गया और उसे हलाल काट डाला।

भेड़िया भेड़ खाने के लिए आया था ,परंतु उस रात वह गड़रिए और उसके मेहमानों का आहार बन गया।

शिक्षा *****

|| बुरा सोचने वाले का अंत बुरा ही होता है। ||


हम आशा करते हैं आपको हमारी आज की ये Hindi Kahani For Kids पसंद आयी होगी. अगर आप ऐसी ही Hindi Kahaniyan और Hindi Kahani For Kids पढ़ना चाहतें हैं तो Hindilikh Website को Bookmark कर सकतें हैं या Website को Subscribe भी कर सकतें हैं. हम ऐसी ही New Hindi Kahani For Kids और Moral Stories For Kids हमारी Website पर पब्लिश करते रहतें हैं. Hindi Kahani के अलावा Hindilikh Website पर आपको Ramayan Story In Hindi और Mahabharat Story In Hindi आदि भी आपको देखने को मिलेंगी आप चाहें तो इन्हें भी पढ़ सकतें हैं।