Ramayan Story In Hindi | 13 Facts About Ramayana

Ramayan Story In Hindi

Ramayan Story In Hindi – Hello Doston, Hindilikh Ek Baar Phir Aapke Liye Lekar Aayi Hain Ek Aur Pauranik Kahani. Aaj Hum Aapko Sampoorna Ramayana Se Jude Unn 13 Rahasyon Se Avgat Karayenge Jiske Baare Mein Aamtaur Par Logon Ko Nahi Pata Hota. Hum Mein Se Adhiktar Logon Ko Ramayan Ki Kahani Ke Baare Mein Pata Hai Lekin Sampoorna Ramayana Se Jude Kuch Aise Bhi Rahasya Hai Jinke Baare Mein Sabko Pata Nahi Hai. Hindilikh Presents Facts About Ramayana Aaj Hum Aapke Samne Sampoorna Ramayana Ke Kuch Anjane Rahasya Rakhne Wale Hain. To Chaliye Shuru Karte Hain Ramayan Story In Hindi.

13 Facts About Ramayana

Ramayan Story In Hindi | 13 Facts About Ramayana
Ramayan Story In Hindi | 13 Facts About Ramayana

1. रामायण के हर 1000 श्लोक के बाद आने वाले पहले शब्द से गायत्री मंत्र बनता है। गायत्री मंत्र में 24 अक्षर होते हैं और वाल्मीकि रामायण में 24,000 श्लोक हैं। यह मंत्र Sampoorna Ramayana का सार है गायत्री मंत्र को सबसे पहले ऋग्वेद में उल्लेखित किया है।

2. राम और उनके भाइयों के अलावा राजा दशरथ की एक पुत्री भी थी। श्री राम उनके भाइयों और माता पिता के बारे में तो सभी जानते है लेकिन बहुत काम लोगों को पता है की राम की एक बहन भी थी, जिनका नाम शांता था। शांता उम्र में अभी भाइयों में सबसे बड़ी थी उनकी माता कौशल्या थी। ऐसा मन जाता है की एक अंग देख के राजा रोमपंत और उनकी रानी वर्षिणी अयोध्या आये। उनकी कोई संतान नहीं थी बात चीत के दौरान जब राजा दशरथ को ये बात पता चली तो उन्होंने कहा की “मैं अपनी बेटी शांता आपको संतान के रूप में दूंगा”, यह सुनकर राजा रोमपंत और उनकी रानी वर्षिणी बहुत खुश हुए।

3. राम तो भगवान विष्णु के अवतार थे, पर उनके भाई किसके अवतार थे ? लक्मण जी को शेषनाग का अवतार माना जाता है जो की शीरसागर में भगवान विष्णु के आसन के रूप में विराजमान हैं। भरत और शत्रुघन को भगवान विष्णु के हाथों में शोभित शंक और सुधर्षण चक्र का अवतार माना जाता है।

4, हम में से अधिकतर लोगों ने सीता स्वयंबर के बारे में तो सुना ही है जिसमे सभी राजकुमारों को धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाना था। जब श्री राम धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा रहे थे तभी वह टूट गया और जिस धनुष को श्री राम ने तोड़कर सीता से विवाह किया था। वह धनुष भगवान शिव का था और इसका नाम “पिनाक” था।

5. लक्ष्मण को गुदकेश के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है की वनवास के 14 वर्षों के दौरान अपने भाई और भाभी की रक्षा के लिए लक्ष्मण 14 वर्षों तक सोए नहीं थे इसलिए उन्हें गुदकेश के नाम से भी जाना जाता है। वनवास की पहली रात निद्रा देवी लक्ष्मण के सामने प्रकट हुयी और लक्ष्मण ने निद्रा देवी से आग्रह किया की उन्हें अपने भाई और भाभी की रक्षा के लिए लक्ष्मण 14 वर्षों तक नींद ना आये, इसपर निद्रा देवी ने लक्ष्मण की पत्नी को 14 वर्षों तक सोने का वरदान दिया और लक्ष्मण 14 वर्षों तक जागकर अपने भाई और भाभी की रक्षा करते रहे।

6. रामायण महाकाव्य के बारे में तो हम सभी जानते हैं की राम अपने भाई लक्ष्मण और सीता के साथ 14 वर्षों के लिए वनवास पर गए थे और राक्षसों के राजा रावण को हरा कर अपने राज्य वापिस लौटे थे। राम, लक्ष्मण और सीता ने अपने वनवास का अधिकतर समय जिस वन में गुज़ारा था उसका नाम था “दंडकारण्य” यह वन लगभग 35,600 वर्ग मील में फैला था जिसमे आज के छत्तीसगढ़, ओड़िसा, महाराष्ट्र और आंद्र प्रदेश के कुछ हिस्से शामिल हैं।

7. Sampoorna Ramayana में सबसे पेचीदा लक्ष्मण रेखा का प्रकरण है। जिसमे लक्ष्मण वन में अपनी झोपड़ी के चारों ओर एक रेखा खींचते हैं जब राम सीता के आग्रह पर वन में हिरण को पकड़ने जाते हैं तभी हिरण एक राक्षस के रूप ले लेना है और लक्ष्मण और सीता कह कर चिल्लाता हैं यह सुनकर सीता लक्ष्मण से राम को बचाने को कहती है लेकिन लक्ष्मण जाने से पहले झोपड़ी के चारों ओर एक रेखा खींचते हैं जिससे कोई भी बहरी व्यक्ति इसमें जाते ही भस्म हो जाता लेकिन इस लक्ष्मण रेखा का वर्णन ना तो वाल्मीकि रामायण में है और ना ही रामचरित्र मानस में लेकिन रामचरित्र मानस के लंका कांड में मंदोदरी द्वारा इसका वर्णन किया गया है।

8. रावण एक उत्कृष्ट वीणा वादक था। रावण सभी राक्षसों का राजा था। बचपन में वह सभी लोगों से डरता था क्योंकि उसके 10 सर थे। भगवान शिव के प्रति उसकी द्रढ़ आस्था थी। रावण एक बहुत बड़ा ज्ञानी था और उसने सभी वेदों का अध्ययन किया था। रावण एक उत्कृष्ट वीणा वादक था इसी लिए उसके ध्वज में भी वीणा अंकित था।

9. रामायण के इक दिलचस्प कहानी सोने वाले कुंभकर्ण की है। कुम्भकर्ण रावण का भाई था जिसका शरीर बहुत ही विकराल था। रामायण के अनुसार कुम्भकर्ण 6 महीने तक सोता था और फिर एक दिन खाने के लिए उठता और फिर 6 महीने के लिए सो जाता था। इक बार इक यज्ञ के पश्चात् भगवान् ब्रह्मा कुम्भकर्ण के सामने प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा इंद्र को इस बात का डर था की कही कुम्भकर्ण वरदान में इन्द्रासन ना मांग ले इसलिए उन्होंने देवी सरस्वती से आग्रह किया की वह कुम्भकर्ण की जीभ पर बैठ जाए जिससे वह इन्द्रासन की जगह निन्द्रासन मांग ले और ऐसा ही हुआ।

यह भी देखें:- गुड़गांव की चौंका देने वाली भूतिया घटना। 

10. NASA (National Aeronautics and Space Administration) के अनुसान Ramayan Ki Kahani और आदम का पल (Adam’s Bridge) के दुसरे से जुड़े हुए हैं रामायण के अनुसान राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए वानरों की मदद से एक पल का निर्माण किया था। ऐसा माना जाता है यह कहानी लाखों वर्षों पहले की है हाल ही में NASA के भारत और श्रीलंका को जोड़ने वाले एक मानव निर्मित पल की खोज की है। वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं के मुताबिक इस पल की निर्माण अवधि रामायण में वर्णित अवधि से मिलती है।

11. रामायण की पूरी कहानी पढ़ने के बाद हमें इतना ज़रूर समझ आता है की रावण के विकराल और सबसे शक्तिशाली राक्षस था जिससे सभी नफरत करते थे, जब रावण के भाइयों को यह पता चला की रावण के श्री राम की पत्नी सीता का अपहरण किया है तो उन्होंने सीता को वापिस करने और राम की शरण में जाने के लिए कहा यह सुनकर रावण ने आत्मसमपण करने से मन कर दिया और श्री राम के हाथों मर कर मोक्ष प्राप्ति की इच्छा ज़ाहिर की। उसने कहा की अगर राम और लक्ष्मण एक साधारण इंसान है तो सीता को वो मुझसे नहीं छीन सकते और अगर वो भगवान् हैं तो उनके हातों मर का मोक्ष प्राप्ति करूँगा।

12. आखिर क्यों राम ने लक्ष्मण को मृत्यु दंड दिया ? रामायण में वर्णित है की राम ने अपने जान से भी ज्यादा प्रिय भाई लक्ष्मण को ना चाहते हुए भी मृत्यु दंड दिया था। बात तब की है जब राम लंका विजय के बाद अयोध्या के राजा बन गए थे, एक बार याम देवता कोई महत्त्वपूर्ण चर्चा करने के लिए राम के पास आये। चर्चा शुरू करने से पहले याम देवता ने श्री राम से वचन लिया की जबतक हमारी चर्चा पूरी नहीं होती कोई भी हमारे बीच नहीं आएगा और जो आएगा उसे आप मृत्यु दंड दे देंगे उसके बाद राम ने लक्ष्मण को यह कहकर द्वारपाल नियुक्त किया की जबतक याम यहाँ हैं कोई अंदर नहीं आएगा अन्यथा वो उसे मृत्यु दंड दे देंगे। कुछ समय बार वहां ऋषी दुरवासा का आगमन हुआ जब दुरवासा ने लक्ष्मण से राम को उनके आने की खबर देने को कहा तो लक्ष्मण ने विनम्रता पूर्वक मना कर दिया इसपर दुरवासा क्रोधित हो गए और उन्होंने पूरी अयोध्या को श्राप देने की बात कही, तभी लक्ष्मण को पता चल गया की उन्हें अपना बलिदान देना होना अयोध्या के लिए इसलिए लक्ष्मण राम के पास जाकर दुरवासा आने की खबर दी और ना चाहते हुए भी राम ने लक्ष्मण को मृत्यु दंड दिया।

13. राम ने सरयू नदी में दुपकी लगाकर अपने प्राण त्याग दिए। ऐसा मन जाता है की सीता ने जब धरती में समाहित हो गयी थी उसके बाद श्री राम ने भी सरयू नदी में दुपकी लगाकर प्रथ्वी लोक का परित्याग कर दिया था।


Hum Aasha Kartein Hain Aapko Ramayan Ki Kahani Ke Ye Facts Padhkar Kuch Naya Seekhne Ko Mila Hoga. Hindilikh Aapke Liye Aise Hi Intreseting Ramayan Facts Aur Sampoorna Ramayana Se Judi Kahaniyan Lekar Aata Rahega.

1 thought on “Ramayan Story In Hindi | 13 Facts About Ramayana”

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