True Horror Story In Hindi – एक मर्डर मिस्ट्री

True Horror Story In Hindi

True Horror Story In Hindi – हमारी दुनिया में अनेको ऐसी घटनाएं घटित हुई है जिन के कारणों का पता आज तक कोई भी नहीं लगा पाया है। आज हम आपको एक ऐसी सच्ची Bhutiya Kahani बताएँगे, एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री के बारे में बताएँगे जिसे सॉल्व करने के लिए पुलिस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया लेकिन वह कातिल का पता नहीं लगा पाई। जब पुलिस और डिटेक्टिव कातिल को पकड़ने में फेल हो गए तो आखिरकार मरने वाली महिला की आत्मा ने खुद इस केस को अपने अंजाम तक पहुँचाया।

आपको हमारी बताई गयी आज की ये True Horror Story In Hindi यकीनन आश्चर्य में डाल देगी और आपको सोचने पर मजबूर कर देगी की ज़िन्दगी के बाद भी कुछ रह जाता है जिसे आज तक हमारा विज्ञान समझ नहीं सका है। तो चलिए देखते है इस रियल लाइफ हॉरर स्टोरी इन हिंदी को और देखते हैं क्या हुआ था उस महिला के साथ।

True Horror Story In Hindi – एक मर्डर मिस्ट्री

ये ट्रू हॉरर स्टोरी है “टेरेसिटा बासा” नाम की एक महिला की जिनका जन्म फिलीपीन्स के एक समृद्ध परिवार में हुआ था। परिवार के आर्थिक रूप से समृद्ध होने के कारण टेरेसिटा की परवरिश बड़े ही अच्छे तरीके से हुई और अपनी हायर स्टडीज के लिए टेरेसिटा ने अमेरिका जाने का फैसला किया। टेरेसिटा ने अमेरिका में मास्टर्स डिग्री इन म्यूजिक को हासिल किया लेकिन बाद में उन्होंने मेडिकल फील्ड में आगे बढ़ने का फैसला किया और एक रेस्पिरेटरी थेरपिस्ट के तौर पर काम करने लगी। 47 साल की हो चुकी टेरेसिटा अपने जीवन में बेहद खुश थी।

वो दिन में हॉस्पिटल में जॉब किया करती थी और शाम को अपने अपार्टमेंट के कुछ बच्चों को पियानो सिखाया करती थी। 21 फ़रवरी 1977 की शाम लगभग 7:30 बजे टेरेसिटा ने अपने एक दोस्त रूथ लोएब से लगभग 20 मिनट बात की और फिर ये कहकर फोन रखा कि उसके घर पर एक दोस्त आने वाला है जिसके से पहले टेरेसा को कुछ काम खत्म करने हैं।

रूथ ने आने वाले दोस्त का नाम ना पूछना ही ठीक समझा और फ़ोन रख दिया लेकिन उसी शाम 8:40 पर टेरेसिटा की ही बिल्डिंग में रहने वाले मरीन और कैथरीन को टेरेसिटा अपार्टमेंट से धुआं उठता हुआ महसूस हुआ। उन्होंने तुरंत ही बिल्डिंग में काम करने वाले एक सफाई कर्मचारी को कॉल करके इस बात की इत्तला दी। उस सफाई कर्मचारी ने बिना वक़्त गवाएं तुरंत ही फायर फाइटर को वहां बुला लिया और कुछ देर के संघर्ष के बाद फायर फाइटर टेरेसिटा के अपार्टमेंट में दाखिल हो गए।

वहां टेरेसिटा के मैट्रेस्स में लगी आग पर काबू पाने के बाद उन्होंने देखा कि टेरेसिटा को उसी मैट्रेस्स के अंदर घुसा के उसमें आग लगाई गई थी और टेरेसिटा की छाती पर गाढ़ा हुआ एक बड़ा सा खंज़र इस बात की पुष्टि कर रहा था की टेरेसिटा का खून करके किसी ने उसकी लाश को आग लगाने की कोशिश की थी।

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इसके बाद घटना स्थल पर पुलिस और डिटेक्टिव्स का एक बड़ा जमावड़ा इकठ्ठा हो गया। घटना स्थल की तफ्तीश के बाद पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मौत के वक़्त टेरेसिटा निर्वस्त अवस्था में थी और किसी ने उसके सीने में चाक़ू मारकर पहले उसके ऊपर कुछ कपड़े डाल कर आग लगाई और फिर घर में पड़े मेट्रेस को उस जलते हुए कपड़ों की आग के हवाले कर दिया ताकि टेरेसिटा की लाश और अन्य सबूतों को नष्ट किया जा सके।

शुरुवाती जांच में इस केस को एक रेप केस की तरह लिया जा रहा था लेकिन ऑटोप्सी रिपोर्ट में यह कंफर्म किया गया की मौत से पहले टेरेसिटा के साथ किसी तरह का सेक्सुअल वायलेंस नहीं हुआ था। पुलिस को टेरेसिटा का कमरा पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हालत में मिला था जो कि इस बात की तरफ इशारा कर रहा था कि मौत से पहले टेरेसिटा ने अपनी जान बचाने के लिए भरपूर संघर्ष किया था।

पुलिस को मौका-ए-वारदात पर ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो पाता कि टेरेसिटा के अपार्टमेंट से क्या लूटा गया था और इस लूट के पीछे कौन था। सुराग के नाम पर पुलिस को सिर्फ एक नोट हासिल हुआ जिसमें लिखा था “गेट थियेटर टिकट फॉर ऐ एस।”

ये मिस्टर ऐ एस कौन था? इसका असली नाम क्या था? इस बात का पता लगाना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल था क्योंकि ऐ एस एक कम बोलने वाली कम मेल मिलाप रखने वाली महिला थी इसलिए उसके ज़्यादा दोस्त नहीं थे और जो थे उनसे पूछताछ करने के बाद भी पुलिस को मिस्टर ऐ एस के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

उसके दोस्तों ने बताया कि टेरेसिटा अपने काम में मशगूल रहने वाली एक बेहद पोलाइट महिला थी जिसका किसी से कोई से कोई बैर नहीं था उसने पहले कुछ लड़कों को डेट किया था लेकिन शादी नहीं की। इस मर्डर को अंजाम देने वाले कातिल ने अपने पीछे कोई सबूत या सुराग नहीं छोड़े थे जिसके कारण पुलिस पुरजोर कोशिश करने के बावजूद कातिल का पता लगाने में कामयाब नहीं हुई।

टेरेसिटा मौत को कई दिन बीते, कई हफ्ते बीते, और देखते ही देखते ये हफ्ते महीनों में बदल गए लेकिन ना तो टेरेसिटा के कातिल का पता चला और ना ही कोई ऐसा सबूत मिला जिससे टेरेसिटा के कातिल तक पहुंचने में कोई मदद मिल सके। लेकिन एक दिन टेरेसिटा के केस की इन्वेस्टिगेशन करने वाले डिटेक्टिव “जो स्टेचुएला” अपने ऑफिस पहुंचे तो उन्हें अपने डेस्क पर एक नोट मिला जिसमें पुलिस स्टेशन को टेरेसिटा के केस के बारे में कॉल करने को कहा गया था।

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फ़ोन पर डिटेक्टिव जो को पुलिस ने बताया कि उन्हें टेरेसिटा केस में एक गवाह मिला है जिसका नाम है डॉक्टर जोसे चुआ है। डिटेक्टिव ने जब जोसे चुआ बात करी जो डॉक्टर जोसे ने टेरेसिटा के बारे में खासी जानकारी दी लेकिन इस जानकारी का जो ज़रीया था उसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।

डॉक्टर जोसे ने बताया कि उसे लगता है कि उसकी पत्नी रेमी के अंदर टेरेसिटा की आत्मा आती है। उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उसकी बीवी को कुछ अजीब सपने आने लगे हैं। जिसमे उसे किसी महिला का क़तल होते हुए दीखता था और जब एक दिन रेमी सो रही थी तो नींद की अवस्था में रेमी कुछ बड़बड़ाने लगी लेकिन वह आवाज रेमी की नहीं थी वैसी आवाज को डॉक्टर जोसे ने कभी नहीं सुना था।

उस अजीब और डरावनी सी आवाज में रेमी ने कहा कि टेरेसिटा का कत्ल “ऐलेन शाउरी” नाम के एक व्यक्ति ने किया है। ऐलेन शाउरी ही उस रात टेरेसिटा के घर उसका टी वी ठीक करने गया था और टेरेसिटा को मौत के घाट उतार दिया उसने जोसे को यह भी बताया कि वह पुलिस को जाके सारी बात बताएं और टेरेसिटा के क़ातिल जी पकड़वाने में
पुलिस की मदद करें।

जैसी की डॉक्टर जोसे मेडिकल फील्ड से जुड़े एक व्यक्ति थे तो उन्होंने उस रात जो भी कुछ हुआ उस पर ज्यादा तवज्जो नहीं दी लेकिन कुछ ही दिन बाद फिर से रेमी सोते वक़्त अचानक ही किसी दूसरी महिला की आवाज में डॉक्टर जोसे से बात करने लगी इस बार उस आवाज़ में गुस्सा और उत्तेजना भरी हुई थी।

रेमी के अंदर आयी आत्मा ने डॉक्टर जोसे को चेताया कि यदि वह उसकी मदद नहीं करेंगे तो उन्हें और उनकी बीवी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। लेकिन बड़ी हिम्मत करके डॉक्टर जोसे ने आत्मा से कहा कि बिना सबूत के तो कोई भी उनकी बात विश्वास नहीं करेगा। तब उस आत्मा ने डॉक्टर जोसे को बताया कि उस रात टेरेसिटा को मारने के बाद ऐलेन ने अपार्टमेंट से टेरेसिटा की कुछ ज्वेलरी को चुराया था जिसे अब उसने अपनी गर्लफ्रेंड को दे दिया है।

सिर्फ इतना ही नहीं उस आत्मा की आवाज ने जोसे को कुछ ऐसे लोगों के नाम और फोन नंबर भी बताए जो ऐलेन की गर्लफ्रेंड के पास मौजूद ज्वेलरी की शिनाख़्त कर सकते थे। जब पुलिस ने इसकी पड़ताल करने के लिए ऐलेन की गर्लफ्रेंड के पास गए तो वह ज्वेलरी ठीक उसी जगह से बरामद हुई जहां की निशानदेही आत्मा ने दी थी लेकिन उसकी गर्लफ्रेंड को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी की यह ज्वेलरी ऐलेन कहीं से चुरा के लाया था।

ऐलेन के बारे में और तफ्तीश करने पर पता चला कि ऐलेन भी उसी हॉस्पिटल में काम करता था जिसमें टेरेसिटा काम किया करती थी। साथ ही टेरेसिटा के साथ बैठने वाली महिला कलीग ने पुलिस को यह भी बताया कि ऐलेन कभी-कभी टेरेसिटा के घर इलेक्ट्रॉनिक आइटम को ठीक करने के लिए जाता रहता था।

लेकिन ऐलेन की गर्लफ्रेंड के घर से मिले यह ज़ेवर कहीं से भी यह साबित नहीं कर रहे थे की यह खून ऐलेन ने ही किया है। क्योंकि ऐलेन के वकील का कहना था की ऐलेन टेरेसिटा के घर तब गया था जब वह जिंदा थी और मौका देखकर उसने उसके घर से ज्वेलरी चोरी की थी पर क्योंकि इस केस की मुख्य गवाह एक आत्मा थी और आत्मा की गवाही कोर्ट में मान्य नहीं होती इसलिए कोर्ट को भी आगे की इन्वेस्टिगेशन के नतीजे आने तक के लिए ऐलेन को रिहा करना पड़ा।

पर शायद इस फैसले से वह आत्मा बिल्कुल भी खुश नहीं थी क्योंकि इस फैसले के बाद एक के बाद एक इस केस में शामिल उन सभी लोगों को ठीक वैसे ही सपने आने लगे जैसे कि जोसे की वाइफ रेमी को आया करते थे और फिर एक रात जोसे की वाइफ के शरीर पर उस आत्मा ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया और बताया कि कैसे उस रात ऐलेन टीवी ठीक करने के लिए टेरेसिटा के घर आया था। इस टीवी रिपेयर के बदले टेरेसिटा ऐलेन को थियेटर टिकट देने वाली थी और कैसे उसने टेरेसिटा को मारने के बाद जानबूझकर घटनास्थल को ऐसा बना दिया कि देखने में लगे की टेरेसिटा का रेप करके उसे मार दिया गया है।

पूरी घटना को सिलसिलेवार तरीके से जान लेने के बाद जोसे ने टेरेसिटा केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स को सारी डिटेल्स बताइए। जब सारी बात पुलिस को पता चल गई तो आखिरकार ऐलेन को अपना जुर्म कबूल ही करना पड़ा और इस अपराध के उसे 20 साल की सजा सुनाई गई और इस अविश्वसनीय केस को नाम दिया गया “Voice From The Grave“.

इस पूरे मामले पर फिल्म भी बन चुकी है जिसका नाम था “Voice From The Grave”  जिसे David Jackson ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म 22 अप्रैल 1996 को रिलीज़ हुई थी। जिसमे मुख्य कलाकार थे Kevin Dobson, Megan Ward, John Terlesky, Michael Riley, Kim Dickens.


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